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रविवार, 24 अक्टूबर 2021

Chapter- 13 प्रत्यास्थता(Elasticity)

 

Chapter- 13

                     प्रत्यास्थता(Elasticity)

जब किसी वस्तु पर बाहृय बल लगाई जाती है,  तो उसके आवृति , लंबाई और आयतन में परिवर्तित हो जाती है और बाहृय बाल को हटाने पर वस्तु पूर्व अवस्था में वापस आ जाती है इस गुण को प्रत्यास्थता कहते हैं।

# प्रत्यास्थाता सीमा-

जब किसी वस्तु पर बाह्यय बल लगाई जाती है तो प्रत्यास्थाता का गुण मौजूद रहता है तथा अधिक बल लगाने पर प्रत्यस्थाता सीमा कहते हैं।

# विकृति-

प्रत्यस्थाता सीमा के अंदर वस्तु के मूल लंबाई में वृद्धि एवं मूल लंबाई के अनुपात को विकृति कहते हैं।
             (मापांक=गुणांक)
विकृति- l/L [विकृति का एस आई मात्रक नहीं होता है]

# प्रतिबल-

प्रति एकांग क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को प्रतिबल करते हैं।

#हुक का नियम -

प्रत्यास्थता सीमा के अंदर वस्तु में उत्पन्न विकृति प्रतिबल के समानुपाती  होती है।
              प्रतिबल~विकृति
              प्रतिबल /विकृति=E
               E=प्रत्यास्थता गुणांक
👉 यदि किसी वस्तु में विकृति  लंबाई में हो तो उसे यंग मापांक कहते हैं, इसका मात्रक न्यूटन मीटर होता है।
👉 यदि विकृति आयतन में हो तो उसे आयतन मापांक कहते हैं।

# संपीड्यता-

जब आइटम घटता है तो आयतन गुणांक का व्यत्क्रम को समपींड्ता कहते हैं।

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