Chapter- 13
प्रत्यास्थता(Elasticity)
जब किसी वस्तु पर बाहृय बल लगाई जाती है, तो उसके आवृति , लंबाई और आयतन में परिवर्तित हो जाती है और बाहृय बाल को हटाने पर वस्तु पूर्व अवस्था में वापस आ जाती है इस गुण को प्रत्यास्थता कहते हैं।
# प्रत्यास्थाता सीमा-
जब किसी वस्तु पर बाह्यय बल लगाई जाती है तो प्रत्यास्थाता का गुण मौजूद रहता है तथा अधिक बल लगाने पर प्रत्यस्थाता सीमा कहते हैं।
# विकृति-
प्रत्यस्थाता सीमा के अंदर वस्तु के मूल लंबाई में वृद्धि एवं मूल लंबाई के अनुपात को विकृति कहते हैं।
(मापांक=गुणांक)
विकृति- l/L [विकृति का एस आई मात्रक नहीं होता है]
# प्रतिबल-
प्रति एकांग क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को प्रतिबल करते हैं।
#हुक का नियम -
प्रत्यास्थता सीमा के अंदर वस्तु में उत्पन्न विकृति प्रतिबल के समानुपाती होती है।
प्रतिबल~विकृति
प्रतिबल /विकृति=E
E=प्रत्यास्थता गुणांक
👉 यदि किसी वस्तु में विकृति लंबाई में हो तो उसे यंग मापांक कहते हैं, इसका मात्रक न्यूटन मीटर होता है।
👉 यदि विकृति आयतन में हो तो उसे आयतन मापांक कहते हैं।
# संपीड्यता-
जब आइटम घटता है तो आयतन गुणांक का व्यत्क्रम को समपींड्ता कहते हैं।