chapter 11
दाब (pressure)
दाब= बल/ क्षेत्रफल
दाब का एस आई (SI)मात्रक -Nm-² या पास्कल(pa) होता है।
[M][L][T]
P=F/A
=[MLT-²]
=[ML-¹T-²]
दाब का विमीय सूत्र-
F=m×a
=[M]×[LT-² ]
=[MLT-²]
द्रव की गणना-
P=h×d×g
h=ऊंचाई
d=द्रव का घनत्व
g=गुरुत्व त्वरण
वायुमंडलीय दाब (Atmospheric pressure)
____________________________________
👉वायुमंडलीय हम लोग पर बल दाब डालती है, जिसे वायुमंडलीय दाब कहते हैं।
👉 वायुमंडलीय दाब की पहली बार गणना वांन ग्यूरिक में किया था।
👉 वायुमंडलीय दाब को बैरोमीटर से मापी जाती है।
👉 बैरोमीटर का पाठयाक यदि अचानक नीचे गिरता है तो आंधी आने की संभावना है।
👉 वायुमंडलीय दाब का मात्रक पास्कर या NM² या बार होता है।
👉 बैरोमीटर का पाठयाक यदि धीरे धीरे ऊपर चढ़ने से दिन साफ रहने की संभावना है।
👉 बैरोमीटर का पाठयाक यदि धीरे-धीरे गिरने से वर्षा होने की संभावना है।
पास्कल का प्रथम नियम-
___________________यदि गुरुत्व त्वरण नगणनीय माना जाए तो द्रव के भीतर प्रत्येक बिंदु पर दाब समान होती है।
पास्कल का द्वितीय नियम-
____________________किसी बंद बर्तन में रखें द्रव में बल लगाने पर द्रव बल को समान अनुपात में संचारित कर देती है।
द्रव संचालित यंत्र -
______________पास्कल के नियम के आधार पर काम करते हैं।
गलनांक पर दाब का प्रभाव-
____________________
👉यदि वस्तु को गर्म करते हैं,तो आयान बढ़ती है, तब दाब बढ़ने से गलनांक बढ़ता है।
👉 वस्तु को गर्म करने से यदि आयतन घटती है तो दाब बढ़ने से गलनाक की भी घटता है।
कवाथनाक पर दाब का प्रभाव-
_______________________
दाब के घटने पर कत्थनाक घट जाती है। यही कारण है कि पहाड़ों पर खाना पकाना कठिन होता है।
👉 दबाव को बल एवं क्षेत्रफल से मापा जाता है।
👉 दाब को प्रणोद प्रति इकाई क्षेत्रफल के रूप में परिभाषित किया जाता है।
👉थ्रस्ट प्रति इकाई क्षेत्रफल को दाब कहा जाता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें