गुरुवार, 30 सितंबर 2021

सरल मशीन,उत्तोलक,आल॑ब,आयास,भार,यांत्रिक लाभ,उत्तोलक का सिद्धांत,प्रथम श्रेणी उत्तोलक,द्वितीय श्रेणी उत्तोलक,तृतीय श्रेणी उत्तोलक

 

Chapter- 4

                        सरल मशीन

सरल मशीन:-- सरल मशीन एक ऐसी युक्ति है जो हमारे कार्य को सुविधाजनक बनाने में सहायता करती है।
👉 यह बल -आघूर्ण के सिद्धांत पर कार्य करता है।


जैसे:-
उत्तोलक ( Lever)
गिरनी (pulley)
आनत तल(Inclined plane)
स्क्रु जैक(screw jack)

मशीन की दक्षता=मशीन द्वारा किया गया कार्य/मशीन को दी गई ऊर्जा  *100
👉 मशीन की दक्षता कभी भी 100% नहीं हो सकती।

उत्तोलक:-

यह एक सीधी छड़ है, जो किसी निश्चित बिंदु के ( आमने-सामने )इर्द-गिर्द आसानी पूर्वक घूम सकती है।

उत्तोलक के 3 मुख्य भाग हैं:-
1. आल॑ब(fulcrum)
2. आयास(effort)
3. भार(load)

आल॑ब :-

जिस निश्चित बिंदु के चारों और उत्तोलक की छड स्वतंत्रता पूर्वक घूम सकती है, उसे आलब कहते हैं।

आयास:-

उत्तोलक को उपयोग में लाने के लिए उस पर जो बल लगाया जाता है उसे आयास कहते हैं।

भार:-

उत्तोलक के द्वारा जो बोझ उठाया जाता है अर्थात किये गए कार्य को भार करते हैं।

उत्तोलक तीन प्रकार के होते हैं

१.प्रथम श्रेणी के उत्तोलक(1st class Lever)
२.द्वितीय श्रेणी के उत्तोलक (2nd class Lever)
३.तृतीय श्रेणी क उत्तोलके (3rd class Lever)

प्रथम श्रेणी उत्तोलक:-

यदि आलम्ब(f )आयास(E )और भार(L )के बीच में हो तो उसे 1st class Lever करते हैं।

यांत्रिक लाभ:-

उत्तोलक में भार एवं आयास के अनुपात को यांत्रिक लाभ कहते हैं।

यांत्रिक लाभ=भार/आयास

उत्तोलक  का सिद्धांत:-

आ्यास एवं आयास भुजा का गुणनफल भार एवं भार भुजा के गुणनफल के बराबर होती है।

भार *भार भुजा=आयास*आयास भुूजा

प्रथम श्रेणी उत्तोलक का यांत्रिक लाभ:-

यांत्रिक लाभ=आयास भुजा/भार भुजा
👉प्रथम श्रेणी उत्तोलक का यांत्रिक लाभ हमेशा एक के बराबर, एक से कम या एक से अधिक हो सकता है।

जैसे:-
तराजू ,कैंची ,प्लास, साइकिल का ब्रेक आदि।

द्वितीय श्रेणी उत्तोलक:-

जब भार आलम और आयास के बीच में हो तो उसे द्वितीय श्रेणी उत्तोलक कहते हैं।

यांत्रिक लाभ= आयास भुजा/भार भुजा

👉 द्वितीय श्रेणी उत्तोलक का यांत्रिक लाभ हमेशा एक से अधिक होता है।


जैसे:-
सरोता
ठेला गाड़ी आदि।

तृतीय श्रेणी उत्तोलक:-

जब आयास आलब और भार के बीच में होती है तो उसे तृतीय श्रेणी उत्तोलक करते हैं।

यांत्रिक लाभ =आयास भुजा /भार भुजा

👉तृतीय श्रेणी उत्तोलक का यांत्रिक लाभ हमेशा एक से कम होता है
जैसे:-
मनुष्य का हाथ
चिमटा
मछली पकड़ने का डंन्टा  आदि।


आवेग,अभिकेन्द्रीय बल,centripetal force,अपकेंद्रीय बल,कोणीय वेग,बल आघूर्ण part-2

आवेग :- जब किसी  वस्तु पर बल बहुत कम समय के लिए लगता है तो उस वस्तु मे लगने वाला बल और समय  अन्तराल के गुणनफल को  आवेग कहते हैं ा 

 आवेग=बल*समय  अन्तराल

S I मात्रक न्यूटन sec होता है ा part-2

सदिश राशि ा 

वीमय सूत्र[ M L T -1 ]

जैसे :-

*क्रिकेट खलाड़ी बोल को कैच करने के बाद अपने हाथों को नीचे कि और खीचते हैं ा 

*गाड़िया मे झटका को कम करने के लिए स्प्रिंग का प्रोयग किया जाता हैं ा 

अभिकेन्द्रीय बल :-centripetal force

जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ  मे घूमती हैं ,तो  केंद्र की और लगने वाला को अभिकेन्द्रीय बल कहते हैं ा 

अपकेंद्रीय बल:-

जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो केंद्र से बाहर की ओर लगने वाला बल को अपकेंद्रीय बल कहते हैं।

*दूध से क्रीम निकालने के लिए अपकेंद्र बल का प्रयोग किया जाता है।

कोणीय वेग:-

जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो 1 सेकंड में वृत्त के केंद्र के साथ जो कोण बनाता है कोणीय वेग कहलाता है।


कोणीय वेग=w=q/t


कोनिया वेग का मात्रक रेडियन सेकंड होता है।


रेखय वेग=कोणीय वेग*त्रिज्या

बल आघूर्ण :-


जब किसी वस्तु को किसी अक्ष के परिता घुमाया जाता है तो उसमें लगने वाला बल और लंबवत दूरी के गुणनफल को बल आघूर्ण कहते हैं।


                 T=f*d


👉एस आई मात्रक न्यूटन मीटर होता है।

👉सी ०जी ॰एस॰ मात्रक डायन सेंटीमीटर।

👉सदिश राशि।

👉विमीय सूत्र[ML²T-²]

मंगलवार, 28 सितंबर 2021

physics गति के नियम (newton 's low of motion )न्यूटन का प्रथम नियम ,जडत्व , गति जडत्व, विराम जडत्व ,संवेग , न्यूटन का दितीय नियम,न्यूटन का तृतीय नियमpart- 1

physics  गति के नियम (newton 's low  of  motion )

न्यूटन  ने गति के नियम को सबसे पहले सर आइजक न्यूटन ने सन 1687 ई०  मे प्रिंसीपिया  नामक पुस्तक मे प्रकासित किया था  ा 

न्यूटन का प्रथम नियम :- यदि कोई वस्तु गति के अवस्ता मे हो वह गति मे हि रहेगी ओर यदि कोई वस्तु विराम अवस्था मे  हो तो विराम मे हि रहेगी ,जब तक कि बाहरी बल नहीं लग जाय ा

* न्यूटन का  प्रथम नियम से बल का परिभाषा मिलता हैंा  

*न्यूटन का  प्रथम नियम को जडत्व का नियम भी कहते  हैंा     

*जडत्व का नियम को गैंलेलियो ने दिया था   

जडत्व  :- किसी वस्तु के सवता(अपने आप )परिवर्तन न होने कि घटना को  जडत्व कहते हैं ा 

जडत्व के  दो प्रकार 
1.  गति जडत्व 
2 . विराम  जडत्व

 गति जडत्व :-

किसी वस्तु मे गति के कारण उत्पन  जडत्व कहते हैं ा 
जैसे :-
जब चलती हुई रेल गाड़ी अचानक रूकती हैं, तो व्यक्ति  का आगे की ओर झुकना ा  
जब चलती हुई रेल गाड़ी से व्यक्ति उतरता हैं ,तो व्यक्ति का धरती पर गिरना ा 

  विराम  जडत्व :-

किसी  वस्तु मे विराम के कारण उत्पन  विराम  जडत्व को विराम जडत्व कहते हैं ा 
जैसे :-
जब रेलगाड़ी अचनाक खुलती हैं ,तो व्यक्ति का पीछे कि ओर झुकना ा 
कांच की खिड़की मे गोली मारने से सिर्फ छेद होती हैं ,लेकिन पथर मारने से चकनाचूर हो जाती हैं ा 
घोड़ा के अचानक चलने से अश्वरोही  का पीछे कि ओर झुकना ा 

संवेग :- किसी गतिसील वस्तु का द्रवमान और वेग के गुणनफल को संवेग कहते है ा 

संवेग =द्रव्यमान *वेग 
s i  मात्रक kg -m /sec 
सदिश राशि 
विमीय सूत्र [MLT _1 ]
*यदि किसी वस्तु का वेग दुगुनी कर दिया जाए तो लागए गए बल समानुपाती होता हैं ा 

न्यूटन का दितीय नियम :-

संवेग परिवर्त्तन कि दर लागए गए बल का समानुपाती होता हैं ा 
*न्यूटन का  दितीय नियम से बल का व्यंजक FORMULA मिलता हैं ा 

न्यूटन का तृतीय  नियम :-

प्रत्येक क्रिया के बराबर एवं विपरीत दिशा मे प्रतिक्रया होता हैं उसे न्यूटन का  तृतीय  नियम कहते हैं ा 
जैसे :-
1.  आदमी का चलना 
2.  नदी मे तैरना 
3.  बंदूक से गोली दागने पर बंदूक का पीछे की और लौटना ा 

बल :-

बल एक बाह्यय कारक है ,जो किसी वस्तु मे लगकर उसके अवस्था को परिवर्तन करता है ,या परिवर्तन लगाने कि कोसिश करता है ा 
बल =द्रव्यमान *त्वरण 
S I मात्रक kg -m /sec  2 
c . g.  s  मात्रक dyne 
1 न्यूटन =10   5dyne 
m . k . s -kg  m /sec 2 
बल एक सदिश राशि है ा 
बल का विमय  सूत्र  M l T -2 


 

 


 

मंगलवार, 14 सितंबर 2021

गति ( MOTION )

                                          गति   ( MOTION )

दूरी :- किसी वस्तु  द्वारा तय कि गई वास्तविक लम्बाई को दूरी कहते हैं ा 

👉S I  मात्रक मीटर 

 👉अदिश राशि 

👉विमीय सूत्र[ M ० L' T ०]  

👉+ve 


विस्थापन :- दो बिंदुओ  के बीच की  न्यूनतम दूरी क़ो विस्थापन कहते  हैं ा 

👉S I मात्रक मीटर 

👉 सदिश राशि 

👉विमीय सूत्र[ M०  L' T ०]

👉+ve ,-ve या शून्य  


चाल :- एकांक समय मे वस्तु द्वारा तय किया गया दूरी को चाल कहते हैं ा 

                                चाल =दूरी / समय 

👉S I मात्रक m /sec 

👉अदिश राशि

 👉M० LT -1

 👉 इसका दिशा नश्चित नहीं होता हैं ा 


वेग :- किसी निश्चित दिशा मे वस्तु द्वारा तय कि गई विस्थापन को वेग कहते हैं ा 

                               वेग =विस्थापन /समय 

👉S I मात्रक m /sec

👉सदिश राशि 

👉 विमीय सूत्र [M ० L1  T-1  ]

👉इसका दिशा निश्चित होता हैं ा 


त्वरण :- वेग परिवर्तन कि दर को त्वरण कहते हैं  ा    

                     त्वरण =वेग मे परिवर्तन /समय 

👉a =v -u /t 

👉SI मात्रक m /sec2 

👉इसका विमीय  सूत्र [M० L1T-2] 


मंदन :- जब त्वरण ऋररात्मक हों तो उसे मंदन कहते हैं ा

👉  -m /sec2  

                                     गति के समीकरण 

                                         1. v =u +at 

                                         2. v2 =u2+2as

                                         3. s =ut+1/2 at2 

                                         4. s nth=u +1 /2 a (2n -1 )  


औसत चाल =वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी /कुल समय 


1. एक वस्तु विरामावास्था मे 10m /s2 के त्वरण से चल रही है तो 5sec मे कितनी दूरी तय करेगी ा

u =0 m /sec 

a =10 m /sec2  

t =5sec 

s =?

s =ut +1 /2 at2  

=0*5 +1 /2 *10 *5 *5 

=०+125 

=125 m   

 2.एक ट्रैन 90 km /h कि चाल से चल रही है ब्रेक लगाने  पर उसमे -0. 5 m /sec 2 का एक समान त्वरणा  उत्पान होता है ,रुकने के पहिले वह कितने दूरी तय करे गा  ा

u =90 km /h 

v =0 m /sec 

a = -0.5 m /sec2

s =? 

v 2 =u 2 +2 as 

=(25)2 +2 *-0.5/10  *s 

=625 -s 

s =625 

3. एक कार विरामअवास्था से 4 m /sec 2 के त्वरणसे चलना प्रारंभ करती है ,10ses मे कितने दूरी तय केरगा ा 

u =0 m /sec 

a =4 m /sec 2 

t =10 sec 

s =?

s =ut +1 /2 at2 

=0 *10 +1 /2 *4 *10 

=०+200 

=200 m 

4. एक पिंड समान त्वरण के साथ चल रहा है ,एक समय पर इसका वेग 10m /sec2 है ,5sec के बाद इसका वेग 20 m /secहो जाता है ,तो त्वरण  ज्ञात  करे ा

u =10 m /sec 

v =20 m /sec 

a =?

a =v -u /t 

=20 -10 /5 

=10 /5 

=2 

5. एक वस्तु विरामअवस्था से चलना  अंरभ करती है  उस पर एक समान त्वरण कार्य करता है वह 5 वे sec मे 9m कि दूरी तय करता है तो त्वरण ज्ञात करे ा

u =0m /s

 n=5 th 

s nth = 9 m 

a =?

s n th =u +1 /2 a *(2n -1 )

9 =0 +1 /2 a *(2 .5 -1)

9 =0 +1 /2 a *9 

a =2 m /sec    

6.एक वस्तु 16m कि दूरी 4sec मे तय करती है ,पुनः बाद कि 16m कि दूरी 2sec मे तय करता है ,तो वस्तु का आौसत चाल किया होगा ा

ओेसत    चाल  =  वस्तु द्वारा तय किया गया कुल दूरी /कुल समय 

                      =32 /6 

                      =5. 3 m /sec 

7 . किसी कार पर ब्रेक लगाने पर 6m /sec 2 मंदन उत्पन होता है ,यदि कर ब्रेक लगाने के बाद 2sec मे रूक जाता है ,तब इस अंतराल मे तय किया गया दूरी किया होगा ा 

v =0 

a =6 m /sec 

t =2sec 

s =?

a =v -u /t 

-6 =0 -u /2 

-12 =0 -u  

u  =12 

s =at +1 /2 *at 2 

  =12 *२+1 /2 *6 *4 

  = 12 *2 +1 /2 *6 *4 

  =24 +(-१२)

 =12 m /sec 




 




 




मंगलवार, 7 सितंबर 2021

Measurment( मापन )


 मापन 
मापन किसी वस्तु का शुद्धता का व वस्तनिस्ट रूप से वर्णन करता हैं ा किसी भौतिक पदार्थ के गुण व विसस्तावो के परिणाम अंकात्मक रूप देने की क्रिया को मापन कहते हैं ा 
मापन के प्रकार 
👇
मानसिक मापन 
भौतिक मापन 
👉 एक हर्ट्स पॉवर 746 वॉट्स के  बराबर होती हैं ा 
👉1 डायोप्टर 1 m -1 के बराबर होता  हैं ा 
👉एक मीटर १०-६ माइक्र न के बराबर हैं ा 
👉1  किलोवाट 1000 वाट शक्ति के बराबर होता हैं ा 
👉प्रकश वर्ष द्वारा दुरी मापा जाता हैं ा 
👉1 नैनो मीटर =१/१०-9m 
👉1 कूलम  /1s =1amp
 👉एक पिको मीटर १०pw 12  m
👉७४६ watt को 1 अश्व शक्तिकहा जाता हैं ा 

  

शुक्रवार, 3 सितंबर 2021

Unit/Measurement/Measuring instrument(मात्रक/मापन/मापक यंत्र

                      मात्रक

                                                                                  10. विद्युत धारा का एस आई मात्रक क्या है ।

Ans - एम्पियर 

             

               राशि               मात्रक

                 धारा     -         एम्पियर

                 आवेश  -          कूलाँम

                कार्य/ऊर्जा  -      जूल

                   सामर्थर्य  -   वॉट अथवा जूल/सेकंड


11. आवेश की एसआई इकाई क्या है।

Ans- कूलम्ब


12. चुंबकीय फ्लक्स घनत्व =टेस्ला 

        स्वप्रेरण  =हेनरी

         चुंबकीय फ्लक्स= बेवर

 

13. शक्ति की इकाई को क्या कहा जाता है

Ans-वाँट


14.विधुत आवेश की SI इकाई क्या है।

Ans- कोलम्ब


15.एम्पियर सेकंड किसकी इकाई है ।

Ans-आवेश


16.ध्वनि के नाप की यूनिट क्या है।

Ans- डेसिबल


17. गैलन सामान्यता इस्तेमाल किया जाता है। Ans-आयतन की माप के रूप में


18.रेसिस्टेस की यूनिट क्या है।

Ans-ओम


19.दबाव की एसआई इकाई क्या है।

Ans- न्यूटन प्रति वर्ग मीटर


20. दाब का एस आई मात्रक क्या है।

Ans- पास्कल


21. विस्थापन की एस आई इकाई है।

Ans- मीटर


22. विभांतर की एस आई इकाई है। 

Ans-बोल्ट


23. शक्ति की अंतरराष्ट्रीय इकाई है ।

Ans-वाट


24. संवेग की अंतरराष्ट्रीय इकाई क्या है।

Ans- kg ms-1


25. ध्वनि की प्रबलता में मापी जा सकती है। Ans-डेसीबल


26. ध्वनि प्रदूषण में मापा जाता है।

Ans- प्रतिध्वनि


27. तरंग वैग का एस आई मात्रक क्या है।

Ans- मीटर प्रति सेकंड


28.मात्रक कूलाँम/सेकँड का दूसरा नाम क्या है।

Ans-एम्पियर


29.विधुत ऊर्जा व्यय का वाणिज्यिक मात्रक क्या है।

Ans-किलोवाट घंटा


30. चाल की अंतरराष्ट्रीय SI इकाई है।

Ans-m/s

chapter -14 प्रकाश किसे कहते हैं ,

  chapter -14   प्रकाश प्रकाश एक ऐसी बाहृय कारक है, जो किसी वस्तु को देखने में हमें सहायता करती। 👉 प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है। 👉 प्रकाश क...