आवेग :- जब किसी वस्तु पर बल बहुत कम समय के लिए लगता है तो उस वस्तु मे लगने वाला बल और समय अन्तराल के गुणनफल को आवेग कहते हैं ा
आवेग=बल*समय अन्तराल
S I मात्रक न्यूटन sec होता है ा part-2
सदिश राशि ा
वीमय सूत्र[ M L T -1 ]
जैसे :-
*क्रिकेट खलाड़ी बोल को कैच करने के बाद अपने हाथों को नीचे कि और खीचते हैं ा
*गाड़िया मे झटका को कम करने के लिए स्प्रिंग का प्रोयग किया जाता हैं ा
अभिकेन्द्रीय बल :-centripetal force
जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ मे घूमती हैं ,तो केंद्र की और लगने वाला को अभिकेन्द्रीय बल कहते हैं ा
अपकेंद्रीय बल:-
जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो केंद्र से बाहर की ओर लगने वाला बल को अपकेंद्रीय बल कहते हैं।
*दूध से क्रीम निकालने के लिए अपकेंद्र बल का प्रयोग किया जाता है।
कोणीय वेग:-
जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो 1 सेकंड में वृत्त के केंद्र के साथ जो कोण बनाता है कोणीय वेग कहलाता है।
कोणीय वेग=w=q/t
कोनिया वेग का मात्रक रेडियन सेकंड होता है।
रेखय वेग=कोणीय वेग*त्रिज्या
बल आघूर्ण :-
जब किसी वस्तु को किसी अक्ष के परिता घुमाया जाता है तो उसमें लगने वाला बल और लंबवत दूरी के गुणनफल को बल आघूर्ण कहते हैं।
T=f*d
👉एस आई मात्रक न्यूटन मीटर होता है।
👉सी ०जी ॰एस॰ मात्रक डायन सेंटीमीटर।
👉सदिश राशि।
👉विमीय सूत्र[ML²T-²]
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