गुरुवार, 30 सितंबर 2021

आवेग,अभिकेन्द्रीय बल,centripetal force,अपकेंद्रीय बल,कोणीय वेग,बल आघूर्ण part-2

आवेग :- जब किसी  वस्तु पर बल बहुत कम समय के लिए लगता है तो उस वस्तु मे लगने वाला बल और समय  अन्तराल के गुणनफल को  आवेग कहते हैं ा 

 आवेग=बल*समय  अन्तराल

S I मात्रक न्यूटन sec होता है ा part-2

सदिश राशि ा 

वीमय सूत्र[ M L T -1 ]

जैसे :-

*क्रिकेट खलाड़ी बोल को कैच करने के बाद अपने हाथों को नीचे कि और खीचते हैं ा 

*गाड़िया मे झटका को कम करने के लिए स्प्रिंग का प्रोयग किया जाता हैं ा 

अभिकेन्द्रीय बल :-centripetal force

जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ  मे घूमती हैं ,तो  केंद्र की और लगने वाला को अभिकेन्द्रीय बल कहते हैं ा 

अपकेंद्रीय बल:-

जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो केंद्र से बाहर की ओर लगने वाला बल को अपकेंद्रीय बल कहते हैं।

*दूध से क्रीम निकालने के लिए अपकेंद्र बल का प्रयोग किया जाता है।

कोणीय वेग:-

जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो 1 सेकंड में वृत्त के केंद्र के साथ जो कोण बनाता है कोणीय वेग कहलाता है।


कोणीय वेग=w=q/t


कोनिया वेग का मात्रक रेडियन सेकंड होता है।


रेखय वेग=कोणीय वेग*त्रिज्या

बल आघूर्ण :-


जब किसी वस्तु को किसी अक्ष के परिता घुमाया जाता है तो उसमें लगने वाला बल और लंबवत दूरी के गुणनफल को बल आघूर्ण कहते हैं।


                 T=f*d


👉एस आई मात्रक न्यूटन मीटर होता है।

👉सी ०जी ॰एस॰ मात्रक डायन सेंटीमीटर।

👉सदिश राशि।

👉विमीय सूत्र[ML²T-²]

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