Chapter 12
ध्वनि तरंग
👉 ध्वनि तरंग अनुदैध्य यांत्रिक तरंगे होती है।
👉20Hz 20000 Hz के बीच के यांत्रिक तरंगों की आवृत्ति को हम अपने कानों द्वारा सुन पाते है।
अवश्रव्य तरंगे- (Infrasonic waves)
20Hz से नीचे की आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगों को अवश्रव्य तरंगे कहते हैं ,इसे हमारा कान सुन नहीं सकता है।
श्रव्य तरंगे-(Audible waves)
20 Hzसे 20000 Hzके बीच की आवृत्ति वाली तरंगों को श्रव्य तरंगे कहते हैं।
पराश्रव्य तरंगे-(Ultrasonic waves)
20000 Hz से ऊपर की तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहा जाता है ,इन तरंगों को कुछ जानवर सुन सकते हैं।
पराश्रव्य तरंगों के उपयोग
👉 संकेत भेजने में।👉 समुद्र की गहराई का पता लगाने में।
👉 दूध के अंदर के हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने में।
ध्वनि की चाल(Speed of sound)
👉 किसी माध्यम में ध्वनि की चाल मुख्यत: माध्यम की प्रत्थास्थता तथा घनत्व पर निर्भर करती है।👉 ध्वनि की चाल सबसे अधिक ठोस में उसके बाद द्रव में और उसके बाद गैस में होती है।
वायु में ध्वनि की चाल- 332 m/s
जल में- 1483 m/s
लोहे में-5130 m/s
प्रतिध्वनि-(echo)
जब ध्वनि तरंगे दूर स्थित किसी दृढ़ टावर या पहाड़ से टकराकर परावर्तित होती है तो उस परावर्तित ध्वनि को प्रतिध्वनि कहते हैं।👉 कान पर ध्वनि का प्रभाव1/10sec तक रहता है।
अनुरणन-(Resonanec)
ध्वनि का ऐसा गुण जिसमें ध्वनि स्त्रोत को बंद करने के बावजूद कुछ समय तक हमें ध्वनि सुनाई पड़ती है ध्वनि के इस गुण को अनुरणन कहते हैं।
👉 एक गुजहीन हाऺल का अनुरणन काल 0 सेकंड होता है।
ध्वनि का अपवर्तन-
जब ध्वनि एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाती है तो अभिलंब की ओर मुड़ जाती है या अभिलंब से दूर चली जाती है ध्वनि के इस गुण को ध्वनि का अपवर्तन कहते हैं।👉 दिन के समय चिल्लाने पर आवाज अधिक दूर तक नहीं जाती है लेकिन रात के समय आवाज अधिक दूर तक जाती है। ध्वनि के अपवर्तन के कारण होती है।
अनुनाद-
जब वस्तु की वह वाहृय बल आवर्ती और स्वभाविक आवर्ती आपस में बराबर हो जाती है तो उसे अनुनाद कहते हैं।जैसे:-
👉 रेडियो अनुवाद के सिद्धांत पर काम करती है।
👉 सुराही में पानी भरने से आवाज का भिन्नत होना अनुवाद का कारण है।
👉 सिपाही को पुल पार करते समय टुकड़ी कदम से पुल पार करने को कहा जाता है क्योंकि अनुनाद के कारण पुल टूट सकती है।
ध्वनि का व्यतिकरण-
जब दो ध्वनि एक साथ किसी बिंदु पर पहुंचती है तो वहां ध्वनि का संचरण होता है उसे ध्वनि का व्यतीकरण कहते हैं।ध्वनि का विवर्तन-
जब ध्वनि किसी अवरोध से मुड़कर हमारे कानों तक पहुंचती है तो उसे ध्वनि का विवर्तन कहते हैं।जैसें-
👉यदि कोई व्यक्ति बंद कमरा में बैठा है और बाहर से उसके मित्र के चिल्लाने पर जो ध्वनि सुनाई पड़ती है यह विवर्तन के कारण होती है।
👉 ध्वनि में ध्रुवन का गुण नहीं होता है।
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