Chapter 10
तरंग ( WAVE )
तरंग एक प्रकार का विक्षोप है जिसे ऊर्जा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाती है।
तरंग दो प्रकार के होते हैं।
1. यांत्रिक तरंग
2. अयांत्रिक तरंग
यांत्रिक तरंग-
इसे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।
यांत्रिक तरंग दो प्रकार के होते हैं।
१. अनुप्रस्थ तरंग
२. अनुर्देध्य तरंग
अनुप्रस्थ तरंग-
जब तरंग गति की दिशा माध्यम के कण के साथ लंबवत होती है तो जो शीर्ष या गर्त के रूप में आगे बढ़ता है, अनुप्रस्थ तरंग कहलाता है।
👉 प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग का उदाहरण है।
👉 अनुप्रस्थ तरंग को ठोसो में तथा द्रव के ऊपरी सतह में उत्पन्न होती है।
अनुदैर्ध्य तरंग-
इसमें तरंग गति की दिशा में माध्यम के कण के साथ समांतर होती है, संपीडन या विरल के रूप मैं आगे बढ़ती है।
👉 ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग का उदाहरण है।
नोट-
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अयांत्रिक तरंग का तरंगदैध्य परिसर 10-¹⁴ m से 10⁴m तक होता है।
अयांत्रिक तरंग विद्युत चुंबकीय तरंग
जिस तरंग कोे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है अयांत्रिक तरंग कहलाती है।
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