सोमवार, 4 अक्टूबर 2021

chapter -5 physics कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति


 

         chapter -5

                                                      कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति

कार्य :-work



यदि किसी वस्तु पर f बल लगाया जाता है तो वस्तु s दूरी तक विस्थापित होती है और और यदि उसके बीच q कोण बनता हो तब

Formula
कार्य =बल ×विस्थापन

👉जब qका मान 90 डिग्री होता है तब कार्य शुन्य होता है।
👉 जब qका मान o°डिग्री होता है तो कार्य अनंत होता है।

ऊर्जा:-Energy



कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।

ऊर्जा के प्रकार

१. गतिज ऊर्जा
२. स्थितिज ऊर्जा

👉 ऊर्जा का विमीय सूत्र [ML²T-²]

गतिज ऊर्जा:-

किसी वस्तु में उसकी गति के कारण जो उर्जा उत्पन्न होती है उसे गतिज ऊर्जा करते हैं।

जैसे :-
दौड़ता बालक

स्थितिज ऊर्जा:-

किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण जो कार्य उत्पन्न होती है उसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।

जैसे:-
खींचा हुआ धनुष में संचित ऊर्जा
चाबी वाली घड़ी में संचित ऊर्जा
तलाब में जमा हुआ पानी

स्थितिज ऊर्जा =mgh
गतिज ऊर्जा=½mv²

👉 जब किसी वस्तु का वेग दोगुनी कर दिया जाए तो (k) गतिज ऊर्जा ( 4 गुनी) हो जाएगी तथा वेग को आधी करने पर गतिज ऊर्जा एक चौथाई हो जाएगी।

👉 गतिज ऊर्जा और संवेग में संबंध


गतिज ऊर्जा k.E=½mv²
                       =mv²/2×m/m
                       =m²v²/2m(p=mv)
                K.E=p²/2m

👉यदि किसी वस्तु का संवेग दोगुनी कर दिया जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा 4 गुनी हो जाएगी।
👉किसी वस्तु का संवेग और वेग के अनुपात से (द्रव्यमान) मिलता है।

       P=mv
mv/v=m
         =संवेग/वेग

👉 ऊर्जा का SI मात्रक जूल(J)

शक्ति:-(Power)



कार्य करने की समय दर को शक्ति करते हैं।

P=w/t
   =J/sec

👉 शक्ति का SI मात्रक जूल/ सेकंड होता है।
       इसे watt से मापी जाती है।
👉 मशीनों की शक्ति को अश्वशक्ति से मापी जाती है।
1H.P=746 watt

शक्ति का विमीय सूत्र=[ML²T-³]
W=F×D
F=m.a
    =[m].[LT-²]
     =[MLT-²]

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