chapter -6
गुरुत्वाकर्षण (Gravitation)
ब्रह्मण्ड मैं प्रत्येक वस्तु में एक प्रकार का आकर्षण बल लगता है, जो दूसरे वस्तु को अपने और आकर्षित करता है उसे गुरुत्वाकर्षण कहते हैं।
*गुरुत्वाकर्षण का नियम को न्यूटन ने दिया था।
गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम
किन्हीं दो वस्तुओं के बीच लगने वाला आकर्षण बल वस्तुओं के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है तथा दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
m1_____r______m2
f£m1m2______(1)
f£.1/r²________(2)
f£m1m2/r²
F=Gm1m2/r²
G=6.67×10-¹¹Nm²/kg²
👉गुरुत्व बल -
पृथ्वी जिस बल से किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचती है उसे गुरुत्व बल करते हैं।👉 गुरुत्व त्वरण-
गुरुत्व बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है उसे गुरुत्व त्वरण करते हैं।
g=G me/Re²
g=9.8m/s²
me=5.98×10²⁴kg(mass of earth)
Re=6.38×10 ६ m(radius of earth)
G के मान में परिवर्तन
👉 विश्वत रेखा में जी का मान सबसे कम होता है।
👉 ध्रुवा में जी का मान सबसे अधिक होता है।
👉समुद्र तल से ऊपर या नीचे जाने पर gका मान घटता है।
👉यदि पृथ्वी का घूर्णन गति बढ़ता है तो g का मान घटेगा।
👉यदि पृथ्वी का घूर्णन गति घटता है तो g का मान बढ़ेगा।
👉चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर के भार का 1/6 होता है ।
👉पृथ्वी की तुलना में चंद्रमा का द्रव्यमान1/81 होता है।
👉पृथ्वी के केंद्र में जी का मान 0होता है।
लिफ्ट में किसी वस्तु का भार
👉जब लिफ्ट त्वरित गति से ऊपर की ओर जाता है तो व्यक्ति को अपना भार बढ़ा हुआ महसूस होता है।
👉जब लिफ्ट त्वरित गति से नीचे की ओर आता है तो व्यक्ति का भार में कमी महसूस होता है।
👉जब लिफ्ट एक समान वेग से ऊपर या नीचे जाता है तो उसके भार में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
👉यदि लिफ्ट का त्वरण गुरुत्व त्वरण से अधिक होता है तो उस में खड़ा व्यक्ति फर्श से उठकर छत पर जा ने लगेगा।
👉यदि लिफ्ट के नीचे उतरते समय डोरी टूट जाए तो व्यक्ति का भार में कमी महसूस होगा।
कृत्रिम उपग्रह
कृतिम उपग्रह दो प्रकार के होते हैं।
1. कक्षीय उपग्रह
2.भू-स्थिर उपग्रह
कक्षीय उपग्रह-
कक्षीय उपग्रह का वेग8 km/sहोता है ।
👉कक्षीय उपग्रह का परिक्रमण काल84min होता है।
👉 यह ऊंचाई पर निर्भर करती है, अर्थात पृथ्वी के निकट चक्कर लगाने वाले उपग्रह का वेग अधिक होता है।
👉 यह द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है, एक ही कक्षा में उपस्थित जिन भिन्न-भिन्न द्रव्यमान वाले उपग्रह का वेग समान होगा।
कक्षीय वेगv0=√G me/Re+h(orbital velocity)
भू- स्थिर उपग्रह-
वैसे उपग्रह जो पृथ्वी का एक चक्कर 24 घंटा में पूरा करता है उसे भूस्थिर उपग्रह करते हैं।
👉 पृथ्वी तल से उसकी ऊंचाई36000 होती है।
पलायन वेग(Escape velocity)
वह न्यूनतम वेग जिसमें किसी वस्तु को ऊपर की ओर फेंकने पर वह गुरुत्व क्षेत्र को पार कर जाता है जिसे पृथ्वी पर वापस नहीं आता है उस न्यूनतम वेग को पलायन वेग करते हैं।
VE=√²gRe
👉पृथ्वी के लिए पलायन वेग का मान11.2km/s होता है।
👉चंद्रमा के लिए पलायन वेग का मान2.37 km/sहोता है।
👉सौर मंडल के लिए पलायन वेग का मान 42km/sहोता। है।
#कक्षीय वेग और पलायन वेग में संबंध
👉यदि किसी उपग्रह का कक्षीय वेग को√2×41% बढ़ा दी जाए तो वह उपग्रह अपनी कक्षा से पलायन कर लेगी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें