chapter -5
कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति
कार्य :-work
यदि किसी वस्तु पर f बल लगाया जाता है तो वस्तु s दूरी तक विस्थापित होती है और और यदि उसके बीच q कोण बनता हो तब
Formula
कार्य =बल ×विस्थापन
👉जब qका मान 90 डिग्री होता है तब कार्य शुन्य होता है।
👉 जब qका मान o°डिग्री होता है तो कार्य अनंत होता है।
ऊर्जा:-Energy
कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।
ऊर्जा के प्रकार
१. गतिज ऊर्जा
२. स्थितिज ऊर्जा
👉 ऊर्जा का विमीय सूत्र [ML²T-²]
गतिज ऊर्जा:-
किसी वस्तु में उसकी गति के कारण जो उर्जा उत्पन्न होती है उसे गतिज ऊर्जा करते हैं।जैसे :-
दौड़ता बालक
स्थितिज ऊर्जा:-
किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण जो कार्य उत्पन्न होती है उसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।
जैसे:-
खींचा हुआ धनुष में संचित ऊर्जा
चाबी वाली घड़ी में संचित ऊर्जा
तलाब में जमा हुआ पानी
स्थितिज ऊर्जा =mgh
गतिज ऊर्जा=½mv²
👉 जब किसी वस्तु का वेग दोगुनी कर दिया जाए तो (k) गतिज ऊर्जा ( 4 गुनी) हो जाएगी तथा वेग को आधी करने पर गतिज ऊर्जा एक चौथाई हो जाएगी।
👉 गतिज ऊर्जा और संवेग में संबंध
गतिज ऊर्जा k.E=½mv²
=mv²/2×m/m
=m²v²/2m(p=mv)
K.E=p²/2m
👉यदि किसी वस्तु का संवेग दोगुनी कर दिया जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा 4 गुनी हो जाएगी।
👉किसी वस्तु का संवेग और वेग के अनुपात से (द्रव्यमान) मिलता है।
P=mv
mv/v=m
=संवेग/वेग
👉 ऊर्जा का SI मात्रक जूल(J)
शक्ति:-(Power)
कार्य करने की समय दर को शक्ति करते हैं।
P=w/t
=J/sec
👉 शक्ति का SI मात्रक जूल/ सेकंड होता है।
इसे watt से मापी जाती है।
👉 मशीनों की शक्ति को अश्वशक्ति से मापी जाती है।
1H.P=746 watt
शक्ति का विमीय सूत्र=[ML²T-³]
W=F×D
F=m.a
=[m].[LT-²]
=[MLT-²]



