Chapter -7
पृष्ठ तनाव (Surface Tension)
पृष्ठ तनाव:-द्रव का स्वतंत्र सत्ताह हमेशा तनाव में रहता है तथा कम से कम क्षेत्रफल घेरने की प्रवृत्ति होती है इससे पृष्ठ तनाव कहते हैं।
T=F/L
👉 इस का एसआई मात्रक N/M होता है।
👉 द्रव को गर्म करने पर उसका पृष्ठ तनाव कम हो जाता है। तथा क्रांतिक ताप(- 273°C)पर शून्य हो जाता है।
जैसे:-
1.वर्षा की बूंदे गोलाकार होना।
2.सेविंग ब्रश को पानी में डालने पर फैल जाता है तथा बाहर निकालने सिकुड़ जाता है।
3.साबुन या डिटर्जेंट गंदे कपड़े को साफ कर देता है।
4.गर्म सूप स्वादिष्ट लगते हैं।
ससंजक बल(Cnesive force)
एक ही पदार्थ के अणुओं के बीच लगने वाला बल ससंजक बल कहलाता है।
👉 ठोसों में ससजक बल का माप सबसे अधिक होता है।
आसंजक बल(Adhesive force)
दो भिन्न-भिन्न पदार्थ के अणुओं के बीच लगने वाला बल को आसंजक बल कहते हैं।
जैसे:-
ब्लैक बोर्ड में चौक से लिखने से अक्षर उभर जाते हैं, तथा पानी गिलास को भीगोता होता है।
केशिकत्व(Capillarity)
👉केशिकत्व नली में द्रव के ऊपर चढने या नीचे उतरने की घटना को केशिकत्व कहते हैं।
👉जो द्रव ग्लास को भिगोता है,वह केशनली म उपर चढ़ता है।
जैसे:- पानी
👉जो द्रव ग्लास भी नहीं भिगोता है वह केशनली में नीचे उतरता है।
जैसे:-
पारा
1. लालटेन या लैंम्प में तेल का ऊपर चढ़ना।
2.ब्लाटिग पेपर का स्याही को भोगना।


